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कार्यपद्धति

साप्ताहिक हिन्दू समागम

परिवार-भाव, धर्म रक्षा और संगठन का मूल आधार

समागम क्या है?

'साप्ताहिक हिन्दू समागम' राष्ट्रीय हिन्दू संगठन की सबसे महत्वपूर्ण और बुनियादी कार्यपद्धति है। यह कोई औपचारिक सभा या भाषण का मंच नहीं है, बल्कि समाज के एक निश्चित क्षेत्र (मोहल्ले, सोसाइटी, या ग्राम) के हिन्दू परिवारों का एक पारिवारिक मिलन है। यह वह शक्ति-केंद्र है जहाँ समाज एक इकाई के रूप में जुड़ता है, विचार-विमर्श करता है, और अपनी संगठनात्मक शक्ति का एहसास करता है।

समागम का स्वरूप

  • समयबद्धता: सप्ताह में एक दिन, एक निश्चित स्थान और एक निश्चित समय (प्रायः एक घंटे के लिए)।
  • सहभागिता: बाल, युवा, महिला और वृद्ध—परिवार के सभी सदस्यों की उपस्थिति।
  • कार्यक्रम: सामूहिक प्रार्थना/आरती, मंत्रोच्चार, महापुरुषों के प्रेरक प्रसंग, समसामयिक विषयों पर सकारात्मक चर्चा (गोष्ठी) और अंत में राष्ट्र वंदना।

समागम की आवश्यकता क्यों?

  • पड़ोस में रहने वाले हिन्दू परिवारों के बीच आत्मीयता और संपर्क बढ़ाना।
  • स्थानीय स्तर पर किसी भी संकट या आपदा के समय एक-दूसरे का संबल बनना।
  • बच्चों में सनातन धर्म, संस्कृति और इतिहास के प्रति गर्व का भाव जाग्रत करना।
  • वैचारिक अस्पष्टता को दूर करना और समाज-विरोधी षड्यंत्रों के प्रति सतर्कता लाना।

साप्ताहिक हिन्दू समागम संदर्शिका (Handbook)

सत्संग गोष्ठी अनुष्ठान के मंत्र, १५-सोपान (SOP), योग मुद्राएँ एवं २१ संगठन उद्घोष।

📲 डिजिटल संचालक मार्गदर्शिका (Companion)

I प्रारंभिक अनुष्ठान (सोपान १ - ६)

⏱️ 2 मि.
1
ध्वज स्थापना

भगवा ध्वज का विधिवत् स्थापन

सर्वप्रथम सभा स्थल पर भगवा ध्वज (केसरिया पताका) को विधिपूर्वक स्थापित करें। ध्वज दण्ड सीधा एवं ध्वज स्वच्छ होना चाहिए।

⏱️ 1 मि.
2
दीप प्रज्वलन

ज्ञान की ज्योति का प्रज्वलन

घी अथवा तेल का दीपक प्रज्वलित करें। दीपक सभा के मध्य अथवा ध्वज के समक्ष रखें।

⏱️ 2 मि.
3
ध्वज प्रणाम

सामूहिक ध्वज वन्दन

सभी उपस्थित जन खड़े होकर ध्वज की ओर मुख करें। दायाँ हाथ मुट्ठी बंद कर छाती पर रखें, बायाँ हाथ नीचे मुट्ठी बंद, दृष्टि ऊपर ध्वज पर — तीन बार नमन करें।

⏱️ 3 मि.
4
मंगलाचरण

सामूहिक प्रारंभिक वंदना

संचालक के नेतृत्व में तीनों मंगलाचरण मंत्रों का सामूहिक उच्चारण करें। प्रत्येक मंत्र के पश्चात् "ॐ शान्ति शान्ति शान्तिः" बोलें।

⏱️ 5 मि.
5
तिलक धारण

भाल पर तिलक लगाना

सभी उपस्थित सदस्यों को रोली/चन्दन/हल्दी से ललाट पर तिलक लगाएँ। तिलक हिन्दू पहचान का प्रतीक है।

⏱️ 2 मि.
6
स्वागत एवं सम्बोधन

उपस्थितों का औपचारिक स्वागत

संचालक पुरुष सदस्यों को "श्रीमन्त" एवं वीरांगना बहनों को "सुभागा" सम्बोधन से स्वागत करें।

II गोष्ठी एवं राष्ट्रबोध (सोपान ७ - ११)

⏱️ 3 मि.
7
विषय प्रवेश

आज के विषय की प्रस्तावना

संचालक आज के सत्र का विषय (थीम) प्रस्तुत करें तथा वक्ताओं का परिचय दें।

⏱️ 10 मि.
8
मुख्य वक्ता का सम्बोधन

प्रमुख वक्ता का उद्बोधन

मुख्य वक्ता निर्धारित विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करें। विषय सामाजिक, सांस्कृतिक या राष्ट्रीय महत्व का हो।

⏱️ 10 मि.
9
सह-वक्ता सम्बोधन

अतिरिक्त वक्ताओं के विचार

यदि सह-वक्ता नियुक्त हैं तो उन्हें भी अपने विचार रखने का अवसर दें।

⏱️ 10 मि.
10
सामूहिक चर्चा

प्रश्नोत्तरी एवं विमर्श

उपस्थित सदस्यों को प्रश्न पूछने एवं अपने विचार रखने का अवसर दें। संचालक अनुशासन बनाए रखें।

⏱️ 3 मि.
11
संगठन सूचनाएँ

आगामी कार्यक्रमों की घोषणा

संगठन से सम्बन्धित आगामी कार्यक्रम, अभियान, बैठक आदि की सूचना दें।

III संकल्प एवं विसर्जन (सोपान १२ - १५)

⏱️ 3 मि.
12
प्रतिज्ञा

सामूहिक प्रतिज्ञा पाठ

सभी उपस्थित जन प्रतिज्ञा मुद्रा में खड़े हों — दायाँ हाथ सीधा आगे भूमि के समानान्तर (हथेली नीचे), बायाँ हाथ नीचे मुट्ठी बंद। संचालक के साथ प्रतिज्ञा का सामूहिक पाठ करें।

⏱️ 5 मि.
13
जय घोष एवं नारे

संगठन के 21 नारों का उद्घोष

संचालक 21 नारों को क्रमशः बोलें, उपस्थित जन सामूहिक प्रतिध्वनि दें।

⏱️ 2 मि.
14
धन्यवाद ज्ञापन

आभार प्रदर्शन

संचालक सभी उपस्थित जनों, वक्ताओं, एवं आयोजक समिति का आभार व्यक्त करें।

⏱️ 1 मि.
15
सभा विसर्जन

सभा का औपचारिक समापन

संचालक जय घोष के साथ सभा का विधिवत समापन घोषित करें।

मंत्र १ — सूर्य वंदना

ॐ सूर्यो ज्योतिर्ज्योतिः सूर्यः स्वाहा। सूर्यो वर्चो ज्योतिर्वर्चः स्वाहा। ज्योतिः सूर्यो ज्योतिर्ज्योतिः स्वाहा।

अर्थ / Meaning:

हे प्रभु! सूर्य प्रकाश है और प्रकाश सूर्य है। सूर्य तेज है और तेज प्रकाश है। यह प्रकाश सूर्य है, प्रकाश ही प्रकाश है।

मंत्र २ — एकता एवं अध्ययन

ॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।

अर्थ / Meaning:

हे परमात्मा! हम दोनों (गुरु-शिष्य) की साथ-साथ रक्षा करें। हम दोनों को साथ-साथ विद्या का फल प्राप्त हो। हम दोनों मिलकर बल प्राप्त करें। हमारा अध्ययन तेजस्वी हो। हम परस्पर द्वेष न करें।

मंत्र ३ — मंगलम् भगवान विष्णु

मंगलम् भगवान विष्णुः मंगलम् गरुडध्वजः। मंगलम् पुण्डरीकाक्षो मंगलायतनं हरिः।।

अर्थ / Meaning:

भगवान विष्णु मंगलमय हैं, गरुड़ध्वज मंगलमय हैं, कमलनेत्र भगवान मंगलमय हैं और श्री हरि सर्वमंगल के आश्रय हैं।

🙏

सम्बोधन

विधिवत सम्बोधन नियम

पुरुष सदस्यों को "श्रीमन्त" एवं वीरांगना बहनों को "सुभागा" सम्बोधन करना चाहिए। यह संगठन की मर्यादा एवं सम्मान का प्रतीक है।

मुख्य निर्देश / Key Guidelines:
  • पुरुष → श्रीमन्त
  • महिला → सुभागा
🪔

तिलक

ललाट तिलक धारण

प्रत्येक उपस्थित सदस्य के ललाट पर रोली / चन्दन / हल्दी से तिलक अवश्य लगाएँ। तिलक हिन्दू पहचान एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।

मुख्य निर्देश / Key Guidelines:
  • रोली, चन्दन अथवा हल्दी उपयोग करें
  • ललाट के मध्य भाग पर लगाएँ
🚩

ध्वज प्रणाम

ध्वज वन्दन मुद्रा

ध्वज की ओर मुख करके सावधान की मुद्रा में खड़े हों।

मुख्य निर्देश / Key Guidelines:
  • दायाँ हाथ — मुट्ठी बंद, छाती पर
  • बायाँ हाथ — नीचे, मुट्ठी बंद
  • दृष्टि — ऊपर ध्वज पर
  • तीन बार नमन करें

अभिवादन मुद्रा

सम्मान अभिवादन

सावधान की मुद्रा में सीधे खड़े हों, दायाँ हाथ मुट्ठी बंद कर छाती पर रखें। यह संगठन के अभिवादन का विधिवत तरीका है।

मुख्य निर्देश / Key Guidelines:
  • शरीर — सावधान मुद्रा में सीधा
  • दायाँ हाथ — मुट्ठी बंद, छाती पर

प्रतिज्ञा मुद्रा

शपथ ग्रहण की मुद्रा

सावधान की मुद्रा में खड़े हों। दायाँ हाथ सीधा आगे भूमि के समानान्तर फैलाएँ (हथेली नीचे)। बायाँ हाथ नीचे मुट्ठी बंद।

मुख्य निर्देश / Key Guidelines:
  • दायाँ हाथ — सीधा आगे, भूमि के समानान्तर
  • हथेली — नीचे की ओर
  • बायाँ हाथ — नीचे, मुट्ठी बंद
  • शरीर — सावधान मुद्रा में स्थिर
RHS Watermark
📜

राष्ट्रीय हिन्दू संगठन प्रतिज्ञा

मैं राष्ट्रीय हिन्दू संगठन के सदस्य के रूप में, ईश्वर को साक्षी मानकर, प्रतिज्ञा करता हूँ / करती हूँ कि — मैं अपने धर्म, संस्कृति एवं राष्ट्र की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहूँगा / रहूँगी। मैं जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर समस्त हिन्दू समाज को एकसूत्र में बाँधने का प्रयास करूँगा / करूँगी। मैं संगठन के संविधान एवं अनुशासन का पालन करूँगा / करूँगी। जयतु जय हिन्दू राष्ट्र! जयतु जय राष्ट्रीय हिन्दू संगठन!

* प्रतिज्ञा लेते समय दायाँ हाथ सीधा आगे भूमि के समानान्तर होना चाहिए।

समागम जयघोष एवं नारे

सभा संचालन के अंत में बोले जाने वाले संगठन के २१ नारे।

२१ उद्घोष
1 जाति पाति में नहीं भलाई
हर हिन्दू है अपना भाई
2 हिन्दू एकता
जिन्दाबाद
3 राष्ट्रीय हिन्दू संगठन
जिन्दाबाद
4 हिन्दू धर्म की
जय
5 भारत माता की
जय
6 गौ माता की
जय
7 गंगा माता की
जय
8 वन्दे
मातरम्
9 भारत माँ तुझे
सलाम
10 जय श्री
राम
11 जय
हिन्द
12 जय-जय
हिन्दू राष्ट्र
13 हर हर
महादेव
14 सनातन धर्म की
जय
15 अखण्ड भारत
अमर रहे
16 विश्व हिन्दू
एक हो
17 धर्मो रक्षति
रक्षितः
18 एक हिन्दू
एक परिवार
19 संगठन में
शक्ति है
20 हम सब एक हैं
हम सब एक हैं
21 जयतु जय
राष्ट्रीय हिन्दू संगठन

नवीनतम साप्ताहिक हिन्दू समागम गोष्ठियां

वर्तमान में कोई समागम गोष्ठी विवरण उपलब्ध नहीं है।

राष्ट्रव्यापी समागम गतिविधि

भारत भर में साप्ताहिक हिन्दू समागम की एक झलक

2
सक्रिय केंद्र
0
कुल सम्पन्न सत्र
0
कुल उपस्थिति
2
राज्य/प्रदेश
0
अभी live

सक्रिय साप्ताहिक हिन्दू समागम केंद्र

अपने क्षेत्र में सक्रिय सत्संग गोष्ठियों की सूची देखें और सहभागिता करें।

हिन्दू कॉलोनी

📍 स्थान: गली no 4 वार्ड no 2, Oran (Rural), Atarra, Banda, Uttar Pradesh - 210203
👤 सत्संग प्रमुख: shyamal tiwari
🗓️ समय: Sunday, 05:30 AM से 06:34 AM

राधे कृष्ण मन्दिर पोखरा, थाना के सामने आदापुर पुर्वी चम्पारण बिहार 845301

📍 स्थान: राधे कृष्ण मन्दिर पोखरा थाना क्षेत्र आदापुर पुर्वी चम्पारण बिहार, Auraia, Adapur, Purbi Champaran, Bihar - 845301
👤 सत्संग प्रमुख: अरुण कुमार
🗓️ समय: Sunday, 08:29 PM से 09:30 PM

अपने क्षेत्र में 'समागम' प्रारंभ करें

यदि आप अपने मोहल्ले, हाउसिंग सोसाइटी या गाँव में साप्ताहिक हिन्दू समागम की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह राष्ट्र-आराधना का सबसे पुनीत कार्य होगा।

कृपया नीचे दिया गया स्थापना आवेदन पत्र भरें:

स्थापना आवेदन

साप्ताहिक हिन्दू समागम केंद्र स्थापना आवेदन पत्र

नई सत्संग गोष्ठी केंद्र की स्थापना हेतु नीचे दिए विवरण भरें। क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्वारा जांच के उपरांत केंद्र स्वीकृत किया जाएगा।

📝 विवरण भरें 🔍 क्षेत्रीय जांच ✅ स्वीकृति
०१

केंद्र का सामान्य विवरण

General Center Info · सत्संग का दिन एवं समय

०२

सत्संग प्रमुख / आयोजक

Host Details · संपर्क विवरण

०३

भौगोलिक स्थान एवं पता

Location & Address · केंद्र कहाँ लगेगा

आपका विवरण सुरक्षित है व केवल सत्यापन हेतु प्रयोग होगा।

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कोष-सहयोग

12A & 80G आयकर छूट युक्त राष्ट्र-समर्पण कोष

INR

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80G आयकर टैक्स छूट दावा

Claim 80G Income Tax Exemption

सूचना: धारा 80G के तहत टैक्स छूट प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए वैध पैन (PAN) नंबर और पता दर्ज करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
चयनित समर्पण के लिए ही कोष आरक्षित किया जाएगा।
सुरक्षित 256-बिट SSL · RBI-अधिकृत, PCI-DSS पेमेंट गेटवे

केंद्रीय कोष-सहयोग ऑडिट (Live Audit)

कुल समर्पित राशि

₹0.00

कुल राष्ट्र-भक्त दानी

0

क्रिप्टोग्राफिक लेजर अखंडता सुरक्षित (100% Chain Valid)
Chain Sealing Key: 7a5ff4874323dd69069e406f89ae02638fca...

हालिया सार्वजनिक समर्पण (Recent Transparencies)

अभी कोई हालिया समर्पण उपलब्ध नहीं है।
पारदर्शिता गारंटी: इस कोष में किया गया प्रत्येक समर्पण प्रत्यक्ष रूप से संगठन के 'वित्त निधि' (Vitt Nithi) क्रिप्टोग्राफिक लेजर बहीखाते में दर्ज होता है, जिसे मिटाया या संशोधित नहीं किया जा सकता।

1. आयकर छूट का लाभ (80G Benefit)

राष्ट्रीय हिन्दू संगठन को आयकर विभाग द्वारा धारा 12A एवं 80G के तहत छूट प्राप्त है। आपके द्वारा किया गया दान आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत कर कटौती (Tax Deduction) के लिए योग्य है।

2. समर्पण का श्लोक प्रमाणपत्र (Shloka Certificate)

सफल समर्पण के उपरांत, संगठन द्वारा दानकर्ता को उनकी श्रद्धा के सम्मान स्वरूप एक पवित्र वेद-मंत्र (श्लोक) अंकित विशिष्ट 'समर्पण दान-पत्र प्रमाणपत्र' एवं 80G रसीद का संयुक्त पीडीएफ (PDF) जारी किया जाता है।

3. दान का सदुपयोग (Fund Utilization)

आपके द्वारा समर्पित राशि का उपयोग पूर्णतः पारदर्शिता के साथ केवल निम्नलिखित राष्ट्र-कार्यों एवं सामाजिक सेवा प्रकल्पों में किया जाता है:

  • गौ सेवा व संवर्धन (गौशालाएँ)
  • दीन-दुखियों व असहायों को अन्नदान
  • सनातन धार्मिक व सांस्कृतिक चेतना का प्रसार
  • अनाथ व निर्धन बच्चों की शिक्षा व स्वावलंबन

"धर्मो रक्षति रक्षितः" — जो धर्म की रक्षा करते हैं, धर्म उनकी रक्षा करता है।

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