शिक्षा, सेवा एवं
संस्कार से सशक्त
समाज
एक पंजीकृत सार्वजनिक न्यास — शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण, महिला सशक्तिकरण एवं जनकल्याण के माध्यम से समाज के हर वर्ग की सेवा हेतु समर्पित।
शिक्षा एवं
जनकल्याण के कार्य
सदस्य
संगठन की जीवंत शक्ति
वास्तविक समय में संगठन की वृद्धि, उपस्थिति और प्रभाव का विश्लेषण।
कुल सदस्य
समागम केंद्र
पदाधिकारी
विषय समाधान
प्रदेश
कुल उपस्थिति
हमारे पाँच आधार स्तंभ
धर्म
सनातन मूल्यों, आस्था, परंपरा और जीवनदृष्टि की प्रतिष्ठा।
संगठन
परिवार-भाव से समाज को जोड़ते हुए सशक्त संरचना का निर्माण।
संस्कार
चरित्र, अनुशासन, आचरण और उत्तरदायित्व का सतत विकास।
सेवा
समाज के प्रत्येक वर्ग तक सहयोग, सहकार और करुणा का विस्तार।
राष्ट्रबोध
धर्म, समाज एवं राष्ट्र के प्रति जाग्रत कर्तव्यबोध का संवर्धन।
संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्
ऋग्वेद
हमारा स्वरूप और
वैचारिक दर्शन
संगठन ही शक्ति है और संस्कृति ही राष्ट्र का प्राण है। हमारा ध्येय एक ऐसे जागृत और समरस समाज का निर्माण करना है जो अपने मूल मूल्यों पर अडिग रहकर राष्ट्र को उन्नति की ओर ले जाए।
— सतेन्द्र दुबे 'सत्य' · संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष / मुख्य ट्रस्टी
राष्ट्रीय हिन्दू संगठन कोई राजनीतिक मंच नहीं है — यह विशुद्ध रूप से एक सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक आंदोलन है। हम मानते हैं कि हिन्दू समाज 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के आदर्शों को जीने वाला महान राष्ट्र-शरीर है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
सनातन संस्कारों एवं ऐतिहासिक धरोहरों का पुनरुत्थान।
सांगठनिक समन्वय
जाति-भेद से परे संपूर्ण हिन्दू समाज को एक सूत्र में पिरोना।
राष्ट्रव्यापी विस्तार
23+ प्रदेशों में सक्रिय सांगठनिक उपस्थिति।
सेवा संकल्प
समाज सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य में रचनात्मक कार्य।
मा. सत्येन्द्र दुबे 'सत्या'
संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय परिषद के शीर्ष न्यासी — संगठन के प्रत्येक निर्णय को अंतिम रूप देने का अधिकार इन्हीं में सुरक्षित है।
मा. इन्द्र कुमार चतुर्वेदी
मार्गदर्शक एवं मुख्य संरक्षक · राष्ट्रीय हिन्दू संगठन
सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु
सच्चा सांगठनिक संकल्प
"किसी भी राष्ट्र और समाज की रीढ़ उसकी संस्कृति और संस्कार होते हैं। राष्ट्रीय हिन्दू संगठन का उद्देश्य मात्र संख्या बल बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्रत्येक सनातनी को उसके मूल मूल्यों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।"
"हमारा संविधान केवल नियमों का संग्रह नहीं है; यह एक नीतिगत ढांचा है जो संगठन को निजी महत्वाकांक्षाओं से परे रखकर लोक कल्याण और राष्ट्र धर्म की ओर निरंतर अग्रसर रखता है।"
सनातन संस्कृति संरक्षण एवं सांगठनिक सुशासन में अग्रणी मार्गदर्शन
हमारे पदाधिकारी
Girish Chandra Mishra
अध्यक्ष, केन्द्रीय पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ
Mamta devi
वार्ड मंत्री, वीरांगना प्रकोष्ठ
स्वामी श्री परमेश्वराचार्य जी महराज
वरिष्ठ उपाध्यक्ष केंद्रीय ऋषि प्रकोष्ठ
डॉ दीपक पाठक
प्रदेश अध्यक्ष
Kalpana Dubey
अध्यक्ष, जिला सांस्कृतिक समिति
Lakhan thakur
प्रदेश उपाध्यक्ष (विस्तार)
23 प्रदेशों में सक्रिय
सम्पूर्ण भारत में संगठन की उपस्थिति और प्रभाव
राष्ट्रीय सारांश
🏆 शीर्ष प्रदेश
ग्राम से राष्ट्र तक
सघन नेटवर्क
राष्ट्रीय हिन्दू संगठन एक हाइब्रिड सांगठनिक संरचना का अनुसरण करता है। नीतिगत निर्णय केंद्रीय स्तर पर होते हैं, परंतु कार्यक्षेत्र का विस्तार विकेंद्रीकृत पद्धति द्वारा सुदूर ग्राम स्तर तक फैला हुआ है।
२३+
प्रदेश इकाइयाँ
३००+
सक्रिय जिला समितियाँ
राष्ट्रीय परिषद (Legislative Brain)
नीति निर्माण, संविधान संशोधन और संगठन के लिए सर्वोच्च दिशा-निर्देशन।
प्रांतीय / प्रदेश कार्यकारिणी (Regional Adapters)
राष्ट्रीय योजनाओं का प्रांतीय धरातल के अनुरूप विस्तार एवं समन्वय।
जिला इकाइयाँ (Operational Backbone)
साप्ताहिक हिन्दू समागम, सदस्यता अभियान, स्थानीय नेतृत्व और जन-जागरण के मुख्य केंद्र।
खंड / तहसील स्तर (Micro-management)
नगर एवं ग्राम समितियों के मध्य संवाद सेतु और सांगठनिक संदेशों का प्रवाह।
नगर / ग्राम समितियाँ (Nervous System)
जमीनी स्तर पर हिंदू समाज में आपसी संवाद, सेवा कार्य और भावनात्मक एकता का निर्माण।
आंतरिक समिति व्यवस्था
नियंत्रण, पारदर्शिता और सांगठनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए त्रि-स्तरीय राष्ट्रीय स्वायत्त शासन प्रणाली।
केंद्रीय चयन समिति
नेतृत्व की शुद्धता और वैचारिक निष्ठा सुनिश्चित करने के लिए सभी पदाधिकारियों का कठोर चयन, परीक्षण तथा नियुक्ति करने वाली सर्वोच्च संस्था।
केंद्रीय निर्णायक समिति
संगठन की न्यायपालिका की तरह कार्य करते हुए सांगठनिक विवादों का निष्पक्ष निपटारा एवं संवैधानिक प्रावधानों की अंतिम व्याख्या व समीक्षा करना।
अनुशासन समिति
कार्यकर्ताओं के आचरण, आचार संहिता के उल्लंघन, तथा सांगठनिक मर्यादाओं के उल्लंघन पर संज्ञान लेकर अनुशासनात्मक समीक्षा व चेतावनी जारी करना।
आगामी कार्यक्रम व संगोष्ठी
कोई आगामी कार्यक्रम नहीं
वर्तमान में कोई सार्वजनिक कार्यक्रम निर्धारित नहीं है। नई घोषणाएँ शीघ्र ही की जाएंगी।
हमारे कार्य एवं
जन-जागरण अभियान
संगठन विभिन्न स्तरों पर ऐसे रचनात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन करता है जो समाज को सशक्त, जागरूक और धर्मनिष्ठ बनाने में सहायक हों।
साप्ताहिक हिन्दू समागम
प्रत्येक मोहल्ले और बस्ती में समाज जागरण एवं सामूहिकता के लिए नियमित साप्ताहिक एकत्रीकरण।
सेवा और सहायता
आपदा प्रबंधन, शिक्षा, चिकित्सा और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित वर्ग का संवर्धन।
संस्कृति एवं पर्यावरण
वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा सनातन उत्सवों व नैतिक मूल्यों के प्रति समाज में चेतना जगाना।
२०१५
स्थापना वर्ष
206+
सक्रिय कार्यकर्ता
समाधान समिति (IGRS)
पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संगठन का सेवा-संकल्प
10
कुल विषय प्राप्त
0
सफलतापूर्वक समाधान
0% समाधान दर ✓
10
प्रक्रियाधीन
हाल की गतिविधियाँ
अभी कोई हाल की गतिविधि नहीं
विविध सांगठनिक प्रकोष्ठ
समाज के प्रत्येक क्षेत्र में सनातन चेतना और आत्मनिर्भरता के विस्तार हेतु विशिष्ट कार्यक्षेत्र आधारित प्रकोष्ठों का संचालन।
ऋषि प्रकोष्ठ
साधु, संत एवं महामण्डलेश्वरों के मार्गदर्शन में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का जागरण।
वीरांगना प्रकोष्ठ
मातृशक्ति में सामाजिक चेतना, नारी सशक्तिकरण, तथा परिवारों में सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना।
विधि प्रकोष्ठ
अधिवक्ताओं के माध्यम से सनातन संस्कृति, धार्मिक संपदा के संरक्षण हेतु विधिक मार्गदर्शन।
विद्यार्थी प्रकोष्ठ
छात्र-छात्राओं में राष्ट्रीयता, शैक्षिक उन्नयन और संस्कार निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
व्यापारिक प्रकोष्ठ
व्यापारी एवं उद्योगपतियों का संगठन, आर्थिक सशक्तिकरण एवं धर्मार्थ कार्यों में सक्रिय सहयोग।
चिकित्सक प्रकोष्ठ
डॉक्टर्स द्वारा स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, निशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं जन-स्वास्थ्य रक्षा।
पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ
भूतपूर्व सैनिकों द्वारा राष्ट्र रक्षा के अनुभवों का समाज हित में उपयोग एवं अनुशासन संचार।
शिक्षक प्रकोष्ठ
शिक्षक एवं प्रोफेसरों द्वारा नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा नीति निर्माण एवं बौद्धिक संवाद।
अपने श्रम से स्वावलंबन की ओर
संगठन का प्रत्येक सदस्य अब स्वदेशी बाज़ार में अपनी दुकान Online कर, अपने स्वदेशी उत्पाद एवं सेवाएँ देशभर के परिवारजनों तक पहुँचा सकता है — स्वरोजगार एवं स्वावलंबन प्रकोष्ठ के मार्गदर्शन में, आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम।
अपनी डिजिटल दुकान
स्वदेशी उत्पाद, संगठन-सामग्री व सेवाएँ — अपना उत्पाद सूचीबद्ध करें और देशभर के सदस्यों तक पहुँचाएँ।
परिश्रम का पूरा फल
हर सेवा का सीधा एवं सुरक्षित निपटान, संगठन की निगरानी में — कोई बिचौलिया नहीं, पूरा हिसाब साफ़-साफ़।
संगठन का संबल
सदस्य-पहचान, विश्वास एवं संगठन के सहयोग के साथ आत्मनिर्भरता — घर बैठे, अपनी सुविधा अनुसार स्वावलंबन का अवसर।
अपनी दुकान Online करें
सरल आवेदन, संगठन-सत्यापन और फिर अपनी दुकान शुरू। केवल कुछ चरणों में स्वावलंबन का मार्ग आरंभ करें।
प्रतिभा मंच
इन्फ्लुएंसर, वीडियो एडिटर, डिज़ाइनर, फ़ोटोग्राफ़र — संगठन के प्रतिभाशाली सदस्यों से सीधे जुड़ें। हर सेवादाता संगठन के साथ।
कंपनियों का 2% CSR — राष्ट्रकार्य में
कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत अनिवार्य CSR योगदान को संगठन के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वावलंबन के जमीनी प्रकल्पों में लगाएँ — CSR-1 पंजीकृत, 80G प्रमाणित एवं सार्वजनिक रूप से सत्यापन-योग्य पारदर्शी लेखा के साथ।
CSR साझेदारी जानेंMCA पंजीकृत क्रियान्वयन संस्था
कर-छूट प्रमाणित
अनुमत CSR गतिविधियाँ
सार्वजनिक Open Books
आपकी दुकान, अब पूरे समाज तक
अभी भी सिर्फ़ मोहल्ले तक सीमित हैं? आइए — अपने समाज के हाथों अपने व्यवसाय को डिजिटल रूप दें। वेबसाइट, ऐप, WhatsApp कैटलॉग या डिजिटल प्रचार — कोई बाहरी कंपनी नहीं, आपके अपने।
अपना डिजिटल शुरू करेंकोई बाहरी कंपनी नहीं — अपने ही समाज के हाथ
पहले ज़रूरत समझेंगे, फिर बात करेंगे
एक इंसानी बातचीत, फ़ॉर्म का झंझट नहीं
मोहल्ले से निकलकर ज़िले-प्रदेश तक
कार्यकर्ता विकास यात्रा
संगठन में एक सदस्य से लेकर प्रमुख प्रशासनिक दायित्व तक पहुँचने की क्रमिक एवं योग्यता आधारित सांगठनिक यात्रा।
१. सामान्य सदस्य
विचारधारा से जुड़कर सदस्यता प्राप्त करना एवं सांगठनिक संदेशों का समर्थन।
२. सक्रिय कार्यकर्ता
साप्ताहिक हिन्दू समागमों, स्थानीय सेवा-कार्यों एवं अभियानों में सक्रिय सहभागिता।
३. विस्तारक
नई ग्राम या नगर समितियों का निर्माण करना एवं सांगठनिक इकाई विस्तार की भूमिका।
४. प्रशिक्षक
नए कार्यकर्ताओं को सांगठनिक मर्यादाओं, विचारधारा एवं दायित्वों का प्रशिक्षण देना।
५. पदाधिकारी
ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर की समितियों में महत्वपूर्ण सांगठनिक दायित्वों का निर्वहन।
आपकी भागीदारी — हमारी शक्ति
संगठन की शक्ति बनें
यदि आप समाज, संस्कृति, सेवा और संगठन के लिए समय, विचार, और समर्पण के साथ जुड़ना चाहते हैं, तो सदस्यता आपके लिए एक सशक्त प्रारंभ है।
5,252+ सदस्य पहले से जुड़े हैं
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आपका सहयोग,
हमारा आधार
संगठन के विविध कार्यक्रम, सेवा-कार्य, जन-जागरण और संरचनात्मक विस्तार समाज के सहयोग से ही आगे बढ़ते हैं। आपका अंशदान धर्म कार्य की गति है।
UPI • Net Banking • Card — सभी माध्यम स्वीकार्य
सहयोग राशि प्रदान करें