परिवार भाव से
संगठित एवं जाग्रत
हिन्दू समाज
एक वैचारिक, सांस्कृतिक और सामाजिक अभियान जो संपूर्ण हिन्दू समाज को सनातन संस्कारों, सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध के सूत्र में पिरोता है।
सनातन धर्म की
रक्षा का संकल्प
संगठन की जीवंत शक्ति
वास्तविक समय में संगठन की वृद्धि, उपस्थिति और प्रभाव का विश्लेषण।
कुल सदस्य
समागम केंद्र
पदाधिकारी
विषय समाधान
प्रदेश
कुल उपस्थिति
हमारे पाँच आधार स्तंभ
धर्म
सनातन मूल्यों, आस्था, परंपरा और जीवनदृष्टि की प्रतिष्ठा।
संगठन
परिवार-भाव से समाज को जोड़ते हुए सशक्त संरचना का निर्माण।
संस्कार
चरित्र, अनुशासन, आचरण और उत्तरदायित्व का सतत विकास।
सेवा
समाज के प्रत्येक वर्ग तक सहयोग, सहकार और करुणा का विस्तार।
राष्ट्रबोध
धर्म, समाज and राष्ट्र के प्रति जाग्रत कर्तव्यबोध का संवर्धन।
संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्
ऋग्वेद
हमारा स्वरूप और
वैचारिक दर्शन
संगठन ही शक्ति है और संस्कृति ही राष्ट्र का प्राण है। हमारा ध्येय एक ऐसे जागृत और समरस समाज का निर्माण करना है जो अपने मूल मूल्यों पर अडिग रहकर राष्ट्र को उन्नति की ओर ले जाए।
— सतेन्द्र दुबे 'सत्य' · संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष / मुख्य ट्रस्टी
राष्ट्रीय हिन्दू संगठन कोई राजनीतिक मंच नहीं है — यह विशुद्ध रूप से एक सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक आंदोलन है। हम मानते हैं कि हिन्दू समाज 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के आदर्शों को जीने वाला महान राष्ट्र-शरीर है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
सनातन संस्कारों एवं ऐतिहासिक धरोहरों का पुनरुत्थान।
सांगठनिक समन्वय
जाति-भेद से परे संपूर्ण हिन्दू समाज को एक सूत्र में पिरोना।
राष्ट्रव्यापी विस्तार
0+ प्रदेशों में सक्रिय सांगठनिक उपस्थिति।
सेवा संकल्प
समाज सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य में रचनात्मक कार्य।
मा. सत्येन्द्र दुबे 'सत्या'
संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय परिषद के शीर्ष न्यासी — संगठन के प्रत्येक निर्णय को अंतिम रूप देने का अधिकार इन्हीं में सुरक्षित है।
मा. इन्द्र कुमार चतुर्वेदी
मार्गदर्शक एवं मुख्य संरक्षक · राष्ट्रीय हिन्दू संगठन
सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु
सच्चा सांगठनिक संकल्प
"किसी भी राष्ट्र और समाज की रीढ़ उसकी संस्कृति और संस्कार होते हैं। राष्ट्रीय हिन्दू संगठन का उद्देश्य मात्र संख्या बल बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्रत्येक सनातनी को उसके मूल मूल्यों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।"
"हमारा संविधान केवल नियमों का संग्रह नहीं है; यह एक नीतिगत ढांचा है जो संगठन को निजी महत्वाकांक्षाओं से परे रखकर लोक कल्याण और राष्ट्र धर्म की ओर निरंतर अग्रसर रखता है।"
सनातन संस्कृति संरक्षण एवं सांगठनिक सुशासन में अग्रणी मार्गदर्शन
हमारे पदाधिकारी
Shankar jha
सम्भाग प्रभारी
नीरज रस्तोगी
जिला अध्यक्ष
Chandrashekhar santoshrao Deshmukh
प्रदेश सह-प्रभारी
अभिषेक चौरसिया
आई° टी° प्रमुख
विजय सिंह बिष्ट
जिला अध्यक्ष
जितेन्द्र सिंह
जिला प्रभारी
0 प्रदेशों में सक्रिय
सम्पूर्ण भारत में संगठन की उपस्थिति और प्रभाव
राष्ट्रीय सारांश
🏆 शीर्ष प्रदेश
ग्राम से राष्ट्र तक
सघन नेटवर्क
राष्ट्रीय हिन्दू संगठन एक हाइब्रिड सांगठनिक संरचना का अनुसरण करता है। नीतिगत निर्णय केंद्रीय स्तर पर होते हैं, परंतु कार्यक्षेत्र का विस्तार विकेंद्रीकृत पद्धति द्वारा सुदूर ग्राम स्तर तक फैला हुआ है।
२३+
प्रदेश इकाइयाँ
३००+
सक्रिय जिला समितियाँ
राष्ट्रीय परिषद (Legislative Brain)
नीति निर्माण, संविधान संशोधन और संगठन के लिए सर्वोच्च दिशा-निर्देशन।
प्रांतीय / प्रदेश कार्यकारिणी (Regional Adapters)
राष्ट्रीय योजनाओं का प्रांतीय धरातल के अनुरूप विस्तार एवं समन्वय।
जिला इकाइयाँ (Operational Backbone)
साप्ताहिक हिन्दू समागम, सदस्यता अभियान, स्थानीय नेतृत्व और जन-जागरण के मुख्य केंद्र।
खंड / तहसील स्तर (Micro-management)
नगर एवं ग्राम समितियों के मध्य संवाद सेतु और सांगठनिक संदेशों का प्रवाह।
नगर / ग्राम समितियाँ (Nervous System)
जमीनी स्तर पर हिंदू समाज में आपसी संवाद, सेवा कार्य और भावनात्मक एकता का निर्माण।
आंतरिक समिति व्यवस्था
नियंत्रण, पारदर्शिता और सांगठनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए त्रि-स्तरीय राष्ट्रीय स्वायत्त शासन प्रणाली।
केंद्रीय चयन समिति
नेतृत्व की शुद्धता और वैचारिक निष्ठा सुनिश्चित करने के लिए सभी पदाधिकारियों का कठोर चयन, परीक्षण तथा नियुक्ति करने वाली सर्वोच्च संस्था।
केंद्रीय निर्णायक समिति
संगठन की न्यायपालिका की तरह कार्य करते हुए सांगठनिक विवादों का निष्पक्ष निपटारा एवं संवैधानिक प्रावधानों की अंतिम व्याख्या व समीक्षा करना।
अनुशासन समिति
कार्यकर्ताओं के आचरण, आचार संहिता के उल्लंघन, तथा सांगठनिक मर्यादाओं के उल्लंघन पर संज्ञान लेकर अनुशासनात्मक समीक्षा व चेतावनी जारी करना।
आगामी कार्यक्रम व संगोष्ठी
कोई आगामी कार्यक्रम नहीं
वर्तमान में कोई सार्वजनिक कार्यक्रम निर्धारित नहीं है। नई घोषणाएँ शीघ्र ही की जाएंगी।
हमारे कार्य एवं
जन-जागरण अभियान
संगठन विभिन्न स्तरों पर ऐसे रचनात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन करता है जो समाज को सशक्त, जागरूक और धर्मनिष्ठ बनाने में सहायक हों।
साप्ताहिक हिन्दू समागम
प्रत्येक मोहल्ले और बस्ती में समाज जागरण एवं सामूहिकता के लिए नियमित साप्ताहिक एकत्रीकरण।
सेवा और सहायता
आपदा प्रबंधन, शिक्षा, चिकित्सा और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित वर्ग का संवर्धन।
संस्कृति एवं पर्यावरण
वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा सनातन उत्सवों व नैतिक मूल्यों के प्रति समाज में चेतना जगाना।
२०१५
स्थापना वर्ष
205+
सक्रिय कार्यकर्ता
समाधान समिति (IGRS)
समाधान समिति (IGRS)
पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संगठन का सेवा-संकल्प
0
कुल विषय प्राप्त
0
सफलतापूर्वक समाधान
0
प्रक्रियाधीन
हाल की गतिविधियाँ
अभी कोई हाल की गतिविधि नहीं
जन-जागरण अभियान
वर्तमान में कोई सक्रिय अभियान नहीं
विविध सांगठनिक प्रकोष्ठ
समाज के प्रत्येक क्षेत्र में सनातन चेतना और आत्मनिर्भरता के विस्तार हेतु विशिष्ट कार्यक्षेत्र आधारित प्रकोष्ठों का संचालन।
ऋषि प्रकोष्ठ
साधु, संत एवं महामण्डलेश्वरों के मार्गदर्शन में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का जागरण।
वीरांगना प्रकोष्ठ
मातृशक्ति में सामाजिक चेतना, नारी सशक्तिकरण, तथा परिवारों में सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना।
विधि प्रकोष्ठ
अधिवक्ताओं के माध्यम से सनातन संस्कृति, धार्मिक संपदा के संरक्षण हेतु विधिक मार्गदर्शन।
विद्यार्थी प्रकोष्ठ
छात्र-छात्राओं में राष्ट्रीयता, शैक्षिक उन्नयन और संस्कार निर्माण के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
व्यापारिक प्रकोष्ठ
व्यापारी एवं उद्योगपतियों का संगठन, आर्थिक सशक्तिकरण एवं धर्मार्थ कार्यों में सक्रिय सहयोग।
चिकित्सक प्रकोष्ठ
डॉक्टर्स द्वारा स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, निशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं जन-स्वास्थ्य रक्षा।
पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ
भूतपूर्व सैनिकों द्वारा राष्ट्र रक्षा के अनुभवों का समाज हित में उपयोग एवं अनुशासन संचार।
शिक्षक प्रकोष्ठ
शिक्षक एवं प्रोफेसरों द्वारा नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा नीति निर्माण एवं बौद्धिक संवाद।
कार्यकर्ता विकास यात्रा
संगठन में एक सदस्य से लेकर प्रमुख प्रशासनिक दायित्व तक पहुँचने की क्रमिक एवं योग्यता आधारित सांगठनिक यात्रा।
१. सामान्य सदस्य
विचारधारा से जुड़कर सदस्यता प्राप्त करना एवं सांगठनिक संदेशों का समर्थन।
२. सक्रिय कार्यकर्ता
साप्ताहिक हिन्दू समागमों, स्थानीय सेवा-कार्यों एवं अभियानों में सक्रिय सहभागिता।
३. विस्तारक
नई ग्राम या नगर समितियों का निर्माण करना एवं सांगठनिक इकाई विस्तार की भूमिका।
४. प्रशिक्षक
नए कार्यकर्ताओं को सांगठनिक मर्यादाओं, विचारधारा एवं दायित्वों का प्रशिक्षण देना।
५. पदाधिकारी
ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर की समितियों में महत्वपूर्ण सांगठनिक दायित्वों का निर्वहन।
आपकी भागीदारी — हमारी शक्ति
संगठन की शक्ति बनें
यदि आप समाज, संस्कृति, सेवा और संगठन के लिए समय, विचार, और समर्पण के साथ जुड़ना चाहते हैं, तो सदस्यता आपके लिए एक सशक्त प्रारंभ है।
0+ सदस्य पहले से जुड़े हैं
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आपका सहयोग,
हमारा आधार
संगठन के विविध कार्यक्रम, सेवा-कार्य, जन-जागरण और संरचनात्मक विस्तार समाज के सहयोग से ही आगे बढ़ते हैं। आपका अंशदान धर्म कार्य की गति है।
UPI • Net Banking • Card — सभी माध्यम स्वीकार्य
सहयोग राशि प्रदान करें