परिवार भाव से संगठित,
जाग्रत हिन्दू समाज
एक वैचारिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक मंच, जो सनातन मूल्यों, सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध के आधार पर हिन्दू समाज को जोड़ने और सशक्त करने का संकल्प है।
शक्तिशाली संगठन
५०+ जिलों में सक्रिय उपस्थिति
सांस्कृतिक जागरण
सनातन मूल्यों का संरक्षण
संगठन की जीवंत शक्ति
कुल सदस्य
समागम केंद्र
पदाधिकारी
शिकायत समाधान
हमारे पाँच आधार स्तंभ
धर्म
सनातन मूल्यों, आस्था, परंपरा और जीवनदृष्टि की प्रतिष्ठा।
संगठन
परिवार-भाव से समाज को जोड़ते हुए सशक्त संरचना का निर्माण।
संस्कार
चरित्र, अनुशासन, आचरण और उत्तरदायित्व का सतत विकास।
सेवा
समाज के प्रत्येक वर्ग तक सहयोग, सहकार और करुणा का विस्तार।
राष्ट्रबोध
धर्म, समाज and राष्ट्र के प्रति जाग्रत कर्तव्यबोध का संवर्धन।
हमारा स्वरूप और
वैचारिक दर्शन
"संगठन ही शक्ति है और संस्कृति ही राष्ट्र का प्राण है। हमारा ध्येय एक ऐसे जागृत और समरस समाज का निर्माण करना है जो अपने मूल मूल्यों पर अडिग रहकर राष्ट्र को उन्नति की ओर ले जाए।"
— सतेन्द्र दुबे 'सत्य' (संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष)
राष्ट्रीय हिन्दू संगठन कोई राजनीतिक मंच नहीं है, यह विशुद्ध रूप से एक सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक आंदोलन है। हम मानते हैं कि हिन्दू समाज केवल एक उपासना-पद्धति का समूह नहीं, बल्कि विश्व-कल्याण, सहिष्णुता और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के आदर्शों को जीने वाला महान राष्ट्र-शरीर है।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद
सनातन संस्कारों एवं ऐतिहासिक धरोहरों का पुनरुत्थान और संरक्षण।
सांगठनिक समन्वय
जाति-भेद से परे संपूर्ण हिन्दू समाज को एक सूत्र में पिरोना।
"संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्"
- ऋग्वेद
श्रीमंत इंद्र कुमार चतुर्वेदी
मुख्य संरक्षक — राष्ट्रीय हिन्दू संगठन
सनातन संस्कृति की रक्षा हेतु
सच्चा सांगठनिक संकल्प
"किसी भी राष्ट्र और समाज की रीढ़ उसकी संस्कृति और संस्कार होते हैं। राष्ट्रीय हिन्दू संगठन का उद्देश्य मात्र संख्या बल बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्रत्येक सनातनी को उसके मूल मूल्यों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।"
"हमारा संविधान केवल नियमों का संग्रह नहीं है; यह एक नीतिगत ढांचा है जो संगठन को निजी महत्वाकांक्षाओं से परे रखकर लोक कल्याण और राष्ट्र धर्म की ओर निरंतर अग्रसर रखता है।"
हमारे पदाधिकारी
गणेश सनातनी "सोती"
उपाध्यक्ष, केन्द्रीय प्रशिक्षण समिति
Abhay Mishra
अध्यक्ष, केन्द्रीय निर्णायक मण्डल
Jitendra Mishra
उपाध्यक्ष, केन्द्रीय निर्णायक मण्डल
आशीष जायसवाल
राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी
हंसराज शर्मा
अध्यक्ष, केन्द्रीय स्वरोजगार व स्वावलंबन प्रकोष्ठ
चंद्रिका प्रसाद पाण्डेय
राष्ट्रीय संगठन मंत्री
28 प्रदेशों में सक्रिय
सम्पूर्ण भारत में संगठन की उपस्थिति और प्रभाव
राष्ट्रीय सारांश
🏆 शीर्ष प्रदेश
ग्राम से राष्ट्र तक
सघन नेटवर्क
राष्ट्रीय हिन्दू संगठन एक हाइब्रिड सांगठनिक संरचना का अनुसरण करता है। नीतिगत निर्णय केंद्रीय स्तर पर होते हैं, परंतु कार्यक्षेत्र का विस्तार विकेंद्रीकृत पद्धति द्वारा सुदूर ग्राम स्तर तक फैला हुआ है।
२३+
प्रदेश इकाइयाँ
३००+
सक्रिय जिला समितियाँ
राष्ट्रीय परिषद (Legislative Brain)
नीति निर्माण, संविधान संशोधन और संगठन के लिए सर्वोच्च दिशा-निर्देशन।
प्रांतीय / प्रदेश कार्यकारिणी (Regional Adapters)
राष्ट्रीय योजनाओं का प्रांतीय धरातल के अनुरूप विस्तार एवं समन्वय।
जिला इकाइयाँ (Operational Backbone)
साप्ताहिक समागम, सदस्यता अभियान, स्थानीय नेतृत्व और जन-जागरण के मुख्य केंद्र।
खंड / तहसील स्तर (Micro-management)
नगर एवं ग्राम समितियों के मध्य संवाद सेतु और सांगठनिक संदेशों का प्रवाह।
नगर / ग्राम समितियाँ (Nervous System)
जमीनी स्तर पर हिंदू समाज में आपसी संवाद, सेवा कार्य और भावनात्मक एकता का निर्माण।
आंतरिक समिति व्यवस्था
नियंत्रण, पारदर्शिता और सांगठनिक अनुशासन बनाए रखने के लिए त्रि-स्तरीय राष्ट्रीय स्वायत्त शासन प्रणाली।
केंद्रीय चयन समिति
नेतृत्व की शुद्धता और वैचारिक निष्ठा सुनिश्चित करने के लिए सभी पदाधिकारियों का कठोर चयन, परीक्षण तथा नियुक्ति करने वाली सर्वोच्च संस्था।
केंद्रीय निर्णायक समिति
संगठन की न्यायपालिका की तरह कार्य करते हुए सांगठनिक विवादों का निष्पक्ष निपटारा एवं संवैधानिक प्रावधानों की अंतिम व्याख्या व समीक्षा करना।
अनुशासन समिति
कार्यकर्ताओं के आचरण, आचार संहिता के उल्लंघन, तथा सांगठनिक मर्यादाओं के उल्लंघन पर संज्ञान लेकर अनुशासनात्मक समीक्षा व चेतावनी जारी करना।
आगामी कार्यक्रम
विराट हिन्दू युवा समागम
राष्ट्र निर्माण और सामाजिक समरसता में युवाओं की भूमिका पर एक महामंथन। इस समागम में देश के प्रमुख चिंतक और संगठन के वरिष्...
तृतीय वर्चुअल भाषण प्रतियोगिता
🎙️🎙️ आगामी 10 जून 2026 को होने वाली तृतीय वर्चुअल भाषण प्रतियोगिता में सम्मलित होने के लिए आवेदन करें ध्यान रहे यह आवेदन...
साप्ताहिक हिन्दू समागम - अवध प्रांत
आगामी साप्ताहिक बैठक एवं संस्कृत शिक्षण वर्ग। राष्ट्र आराधना के सुंदर गीतों का सामूहिक अभ्यास एवं स्नेह भोज का आयोजन।
हमारे कार्य एवं
जन-जागरण अभियान
संगठन विभिन्न स्तरों पर ऐसे रचनात्मक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन करता है जो समाज को सशक्त, जागरूक और धर्मनिष्ठ बनाने में सहायक हों।
साप्ताहिक समागम
प्रत्येक मोहल्ले और बस्ती में समाज जागरण एवं सामूहिकता के लिए नियमित साप्ताहिक एकत्रीकरण।
सेवा और सहायता
आपदा प्रबंधन, शिक्षा, चिकित्सा और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित वर्ग का संवर्धन।
संस्कृति एवं पर्यावरण
वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा सनातन उत्सवों व नैतिक मूल्यों के प्रति समाज में चेतना जगाना।
२०१३
स्थापना वर्ष
५००+
सक्रिय कार्यकर्ता
IGRS — शिकायत समाधान
एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता और उत्तरदायित्व
71
कुल शिकायतें प्राप्त
20
सफलतापूर्वक समाधान
28% समाधान दर
29
प्रक्रियाधीन
औसत 8.3 दिन में समाधान
हाल की गतिविधियाँ
तृतीय वर्चुअल भाषण प्रतियोगिता
वर्चुअल (ऑनलाइन)
1 सप्ताह में
साप्ताहिक हिन्दू समागम - अवध प्रांत
इंदिरा नगर, लखनऊ
15 घंटे में
सनातन संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण की महत्ता
90 उपस्थिति
50 मिनट पहले
साप्ताहिक सत्संग एवं सांस्कृतिक विमर्श
1 उपस्थिति
4 दिन पहले
सनातन जीवन शैली और पारिवारिक मूल्यों का रक्षण - चर्चा एवं भविष्य के संकल्प।
44 उपस्थिति
4 दिन पहले
साप्ताहिक हिन्दू समागम - दिल्ली प्रांत
केशवपुरम पार्क, नई दिल्ली
1 सप्ताह पहले
राष्ट्रीय हिन्दू संगठन की राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान की शुरुआत
मीडिया विज्ञप्ति
1 सप्ताह पहले
पर्यावरण संरक्षण महाअभियान: एक दिन में १०,००० वृक्षारोपण
मीडिया विज्ञप्ति
2 सप्ताह पहले
संगठन का विधिक सेल: निःशुल्क विधिक सहायता शिविर का आयोजन
मीडिया विज्ञप्ति
3 सप्ताह पहले
जन-जागरण अभियान
एक कदम संगठन की ओर - सदस्यता अभियान २०२६
इस अभियान के माध्यम से हम राष्ट्रभर में नए सदस्यों को जोड़ना चाहते हैं।
3 / 100 प्रतिक्रियाएँ
गौरव यात्रा - हिंदू एकता संकल्प अभियान
प्रमुख तीर्थ स्थलों पर "हिंदू एकता संकल्प" लेने का महाभियान।
3 / 100 प्रतिक्रियाएँ
विविध सांगठनिक प्रकोष्ठ
समाज के प्रत्येक क्षेत्र में सनातन चेतना और आत्मनिर्भरता के विस्तार हेतु विशिष्ट कार्यक्षेत्र आधारित प्रकोष्ठों का संचालन।
विधि प्रकोष्ठ
सनातन संस्कृति, धार्मिक संपदा तथा सांगठनिक मूल्यों के संरक्षण हेतु संवैधानिक एवं विधिक मार्गदर्शन प्रदान करना।
स्वावलंबन प्रकोष्ठ
कौशल विकास, कुटीर उद्योग, और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से समाज के युवाओं एवं परिवारों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना।
वीरांगना प्रकोष्ठ
मातृशक्ति में सामाजिक चेतना, नारी सशक्तिकरण, तथा परिवारों में सांस्कृतिक मूल्यों एवं मर्यादाओं की स्थापना का कार्य।
चिकित्सक प्रकोष्ठ
स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, निशुल्क चिकित्सा परामर्श, तथा ग्रामीण व वनवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रसार करना।
शिक्षक प्रकोष्ठ
नैतिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा नीति निर्माण में सहयोग, इतिहास के सत्य का संवर्धन और बौद्धिक संवाद का आयोजन।
युवा प्रकोष्ठ
युवाओं में राष्ट्रीयता, नेतृत्व क्षमता और खेलकूद के प्रति चेतना विकसित करना एवं समाज सेवा में उनकी भागीदारी बढ़ाना।
कार्यकर्ता विकास यात्रा
संगठन में एक सदस्य से लेकर प्रमुख प्रशासनिक दायित्व तक पहुँचने की क्रमिक एवं योग्यता आधारित सांगठनिक यात्रा।
१. सामान्य सदस्य
विचारधारा से जुड़कर सदस्यता प्राप्त करना एवं सांगठनिक संदेशों का समर्थन।
२. सक्रिय कार्यकर्ता
साप्ताहिक समागमों, स्थानीय सेवा-कार्यों एवं अभियानों में सक्रिय सहभागिता।
३. विस्तारक
नई ग्राम या नगर समितियों का निर्माण करना एवं सांगठनिक इकाई विस्तार की भूमिका।
४. प्रशिक्षक
नए कार्यकर्ताओं को सांगठनिक मर्यादाओं, विचारधारा एवं दायित्वों का प्रशिक्षण देना।
५. पदाधिकारी
ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर की समितियों में महत्वपूर्ण सांगठनिक दायित्वों का निर्वहन।
संगठन की
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हमारा आधार
संगठन के विविध कार्यक्रम, सेवा-कार्य, जन-जागरण और संरचनात्मक विस्तार समाज के सहयोग से ही आगे बढ़ते हैं। आपका अंशदान धर्म कार्य की गति है।
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